जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Tuesday, 26 October 2010
उन्नीसवाँ अन्तर्राज्यीय लघुकथा सम्मेलन, पंचकुला(हरियाणा)
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--> पंचकुला (हरियाणा) में दिनांक 23 अक्टूबर, 2010 को लघुकथा सम्मेलन संपन्न हुआ है। प्रेषित प्रपत्र के अनुसार — सम्मेलन के पहले सत्...
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उन्नीसवाँ अन्तर्राज्यीय लघुकथा सम्मेलन, पंचकुला(हरियाणा)/ शेष रचनाएँ
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॥4॥ क्या हम भी…/ सुशील ‘हसरत’ नरेलवी “ कितनी बार कहा है कि जब कमरे में नहीं बैठना हो तो कमरे से बाहर आते समय ‘लाईट’ व पंखे को बंद कर दि...
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Friday, 22 October 2010
उन्नीसवें अन्तर्राज्यीय लघुकथा सम्मेलन, पंचकुला(हरियाणा) के अवसर पर विशेष
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--> पं चकुला(हरियाणा) में आज 23 अक्टूबर, 2010 को लघुकथा सम्मेलन है। सम्मेलन के पहले सत्र में भाई भगीरथ परिहार का लेख ‘ लघुकथा के आईने...
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Tuesday, 28 September 2010
बन्द आँखों का समाज : संतोष सुपेकर की लघुकथाएँ
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--> 11 सितम्बर, 2010 को उज्जैन की कालिदास अकादमी में कथाकार संतोष सुपेकर के लघुकथा संग्रह ‘ बंद आँखों का समाज ’ का लोकार्पण हु...
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Wednesday, 25 August 2010
पवन शर्मा की लघुकथाएँ
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--> घर -परिवार के बीच से कथानक चुनने और उन्हें सार्थक ऊँचाई प्रदान करने में पवन शर्मा सिद्धहस्त हैं। घर-परिवार से जुड़ी उनकी हर...
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