जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Sunday, 12 August 2018
हरिपाल त्यागी की लघुकथाएँ
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॥ 1॥ आस्था अपने चौर्य-कर्म से पहले ईश्वर-आराधना उसके लिए जरूरी थी, ताकि भगवान की कृपा से वह अपने कार्य में सफलता प्राप्त कर सके। सही...
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Monday, 16 July 2018
परिंदों के दरमियां : पत्रात्मक प्रतिक्रिया-2 / डॉ. कुंकुम गुप्ता
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कृति की सफलता उसके पाठकों के संतोष में निहित होती है। 'परिंदों के दरमियां' पर लगातार उत्साहवर्द्धक प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं। अभी-अ...
Monday, 9 July 2018
परिंदों के दरमियां : बुक शेल्फ की शोभा मत बनाइए, पढ़ डालिए, रोज पढ़िए / राजेश उत्साही
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राजेश उत्साही लघुकथा पर केन्द्रित बलराम अग्रवाल जी की पुस्तक ‘परिंदों के दरमियां’ अपन को भी प्राप्त हो गई है। बलराम जी ने अपनी ...
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