जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Tuesday, 26 December 2017
डॉ॰ व्रजकिशोर पाठक की याद-2 / श्याम बिहारी श्यामल
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[ डॉ॰ व्रजकिशोर पाठक हमारे समय के महत्वपूर्ण समालोचक रहे हैं। हिन्दी लघुकथा पर उनकी दृष्टि अन्य आलोचकों की तुलना में कहीं अधिक सधी और सटीक...
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Sunday, 17 December 2017
डॉ॰ व्रजकिशोर पाठक की याद-1 / श्याम बिहारी श्यामल
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[डॉ॰ व्रजकिशोर पाठक हमारे समय के महत्वपूर्ण समालोचक रहे हैं। हिन्दी लघुकथा पर उनकी दृष्टि अन्य आलोचकों की तुलना में कहीं अधिक सधी और सटीक ...
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Tuesday, 12 December 2017
डॉ. शकुन्तला ‘किरण’ से डॉ लता अग्रवाल की बातचीत-2
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अर्जुन का तीर है लघुकथा — डॉ . शकुन्तला किरण साथियो ! लघुकथा के क्षेत्र में आदरणीया डॉ॰ शकुन्तला ‘किरण’ जी एक जाना-पहचाना और सम्मान...
Tuesday, 5 December 2017
डॉ॰ शकुन्तला किरण से डॉ॰ लता अग्रवाल की बातचीत-1
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कम शब्दों में बहुत-कुछ कहने की कला है लघुकथा — — डॉ॰ शकुन्तला किरण [ साथियो ! लघुकथा के क्षेत्र में आदरणीया डॉ॰ शकुन्त...
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