जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Saturday, 30 May 2009
लघुकथाएँ
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--> सोते वक्त भगीरथ कमरे में दो चारपाइयाँ बिछी हैं। बीच में एक दहकती हुई अँगीठी कमरे को गर्म कर रही है। एक चारपाई पर बू ढ़ा और...
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लघुकथा-लेखन में राजस्थान का योगदान
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--> महेन्द्र सिंह महलान पत्र-पत्रिकाएँ ज नवरी 1971 में मोहन राजेश ने ब्यावर से प्रकाशित ‘ पवित्रा ’ में चार लघुक...
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Tuesday, 28 April 2009
जाना विष्णु प्रभाकर का
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--> वि ष्णुजी के देहावसा न की सूचना पूरी तरह से चौंकाने वाली रही। उनकी गत चार जन्मदिन-पार्टियों में तो लगातार उपस्थि त रहने क...
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Tuesday, 24 March 2009
जनगाथा मार्च 2009
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--> लघुकथा-लेखन में राजस्थान का योगदान महेन्द्र सिंह महलान आ ठवें दश क के अन्त तक आधुनिक हिन्दी लघुकथा में सामान्य क...
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