जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Sunday, 17 September 2023
लघुकथा को लेकर कुछ बातें / डॉ. सुरेश वशिष्ठ
›
डॉ. सुरेश वशिष्ठ वरिष्ठ साहित्यकार हैं। कहानी, लघु-कहानी, लघुकथा, नाटक, नुक्कड़ नाटक, एकांकी, आलोचना आदि साहित्य की अनेक विधाओं में लेखन किया...
3 comments:
Thursday, 27 July 2023
ॠषभ देव शर्मा की दस लघुकथाएँ
›
6 comments:
Tuesday, 4 July 2023
सत्य शुचि की मोहन राजेश से एक विशेष भेंट-वार्ता
›
लघुकथा — एक स्वतंत्र , सशक्त विधा : प्रश्नों के घेरे में ' सन्दर्भ साहित्यिकी ' के माध्यम से ' डिक्टेटर ' ने लघुकथा को...
Friday, 9 June 2023
कमलेश भारतीय की तीन प्रेम लघुकथाएँ
›
कमलेश भारतीय। समकालीन लघुकथा की पहली पीढ़ी के सम्माननीय कथाकार। ।।1।। बहुत दिनों बाद बहुत दिनों बाद अपने छोटे से शहर गया था । छोटे भाई के...
3 comments:
Saturday, 3 June 2023
लघुकथा और कथाकार
›
डॉ. सुरेश वशिष्ठ 96544 04416 लघुकथा पाठक मन को झकझोरने लगती है। उसे कम समय में पढ़ा जा सकता है। एक अच्छी लघुकथा सोच ...
2 comments:
Monday, 7 November 2022
लघुकथा-समीक्षा / बबीता कंसल
›
समीक्षित संग्रह : अस्तित्व की यात्रा कथाकार : कांता रॉय लघुकथा संग्रह 'अस्तित्व की यात्रा' समाज में व्याप्त विसंगतियों, विडम्बनाओं...
Saturday, 5 November 2022
लघुकथा : सृजन भूमि और समालोचना / डॉ. बी. एल. आच्छा
›
Prof. B L Achchha साहित्य एक व्यापक संज्ञा है और विधाएँ उसकी अभिव्यक्ति का सहज प्रतिबिम्बन। विधाओं की विषयगत या भावगत अनुरूपता होती है। मसलन...
‹
›
Home
View web version