जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Monday, 7 November 2022
लघुकथा-समीक्षा / बबीता कंसल
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समीक्षित संग्रह : अस्तित्व की यात्रा कथाकार : कांता रॉय लघुकथा संग्रह 'अस्तित्व की यात्रा' समाज में व्याप्त विसंगतियों, विडम्बनाओं...
Saturday, 5 November 2022
लघुकथा : सृजन भूमि और समालोचना / डॉ. बी. एल. आच्छा
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Prof. B L Achchha साहित्य एक व्यापक संज्ञा है और विधाएँ उसकी अभिव्यक्ति का सहज प्रतिबिम्बन। विधाओं की विषयगत या भावगत अनुरूपता होती है। मसलन...
Thursday, 27 October 2022
लघुकथा-समीक्षा-2021/अनिता रश्मि
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एकांतवास में सार्थक कर्म त्रासद कोरोना काल की कम शब्दों में अधिक बात कहती अशोक लव की लघुकथा संग्रह हैं "एकांतवास में ज़िंदगी"। बक...
Monday, 17 October 2022
अंजू खरबंदा की लघुकथाएं : चरित्रों की गोमती-गंगा / डॉ. जितेन्द्र जीतू
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अंजू की रचनाएं मुझे भारतीयता से ओतप्रोत दिखाई पड़ती हैं। इनका स्वाद मुझे ठेठ देसी लगता है। इनके पात्रों में अनुभवजन्य परिपक्वता है। यह परिक्व...
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Thursday, 6 October 2022
पुस्तक समीक्षा--छोटे-छोटे सायबान / कल्पना भट्ट
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पुस्तक का नाम : छोटे-छोटे सायबान कथाकार : पुरुषोत्तम दुबे प्रस्तोता : जन लघुकथा साहित्य प्रथम संस्करण : जनवरी २०२१ मूल्य : ४० ₹ हिन्दी-ल...
Wednesday, 5 October 2022
अपराजित योद्धा : बिनोय कुमार दास
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बिनोय कुमार दास (6 नवम्बर, 1949--4 अक्टूबर, 2022) साहित्य साधक अपनी जड़ों को इतना विस्तार दे जाते हैं कि मौत के पंजे कभी भी उन्हें अपनी गिर...
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