जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Wednesday, 29 June 2022
आधुनिक लघुकथा : अब कहाँ हैं / विपिन जैन
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[ रचनात्मक साहित्य से जुड़े व्यवसायिक और गैर-व्यवसायिक पत्र-पत्रिकाएँ विशेषांकों से इतर सामान्य अंकों में लघुकथाएँ भी छापते हैं और तत्संबंधी...
Wednesday, 22 June 2022
हमशक्ल दोस्त / स्वप्निल श्रीवास्तव
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जीवन वृत्तांत Swapnil Shriwastva कुछ चीजें हम रखकर भूल जाते है और उसे खोजते रहते हैं। अपनी एक किताब में ग्रुप फ़ोटो रख दिया था जो वर्षों ...
लघुकथा का विराट मिशन : मधुदीप / बी. एल. आच्छा
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[ मधुदीप ने जब 'पड़ाव और पड़ताल' के 1988 में प्रकाशित प्रथम संस्करण का पुनर्मुद्रण 2013 में किया था, तब निश्चित रूप से स्वयं उन्हें भ...
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Wednesday, 13 April 2022
समीक्षा/सवाल-दर-सवाल/मिन्नी मिश्रा
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गोलियाँ खत्म होने पर संगीन की मुठभेड़-सा करतब, लघुकथा बखूबी निभा सकती है लघुकथा की महत्वपूर्ण पुस्तक 'सवाल-दर-सवाल' लघुकथा-विज्ञ अशोक...
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Monday, 14 March 2022
लघुकथा का वसंत पर्व
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लघुकथा शोध केंद्र, भोपाल की दिल्ली शाखा ने अंजु खरबंदा, सतीश खनगवाल, रेनुका सिंह आदि की अगुआई में अपनी स्थापना के 3 वर्ष (2019--2022) सफलताप...
Sunday, 20 February 2022
परदा : कुछ लघुकथाएँ-4
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अंतिम कड़ी ।। सोलह ।। उस दिन शादी का सालग (साया) बहुत तगड़ा था , मेरी भी शादी थी । जब सुबह को मै अपनी दु...
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