जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Sunday, 12 July 2020
'दृष्टि' पर रवि-दृष्टि / रवि प्रभाकर
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'दृष्टि' का सद्य: प्रकाशित अंक 8 (जनवरी-जून 2020) ‘समकालीन लघुकथाओं का जनपथ’ पिछले कुछ दिनों से मेरे साथ है। कोरोना जैसे वैश्विक...
Friday, 3 July 2020
अँधेरा, अपसंस्कृत और आँख
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अपने-अपने तरीके से हम सब अँधेरे में उबाल लाने की कोशिशें कर रहें हैं। संध्या तिवारी का तो संकल्प ही है—‘अँधेरा उबालना है’। लेकिन एक आँ...
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