जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Saturday, 8 February 2020
हिंदी लघुकथा-समीक्षा : दशा और दिशा / डॉ सत्यवीर मानव
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डॉ सत्यवीर मानव समकालीन लघुकथा की शुरुआत १९७० के आसपास से मानी जाये , तब भी एक विधा के रूप में यह जीवन का अर्धशतक पूरा कर चुकी है।...
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Monday, 3 February 2020
सुख नैतिक है / डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी
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आवरण का चित्र : बलराम अग्रवाल [सुप्रसिद्ध हिन्दी आलोचक डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी 16 फरवरी 2020 को नब्बेवें वर्ष में प्रविष्ट हो रहे हैं। ...
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Sunday, 19 January 2020
परिचर्चा : लघुकथा में महिला पात्र का प्रबल-पक्ष
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दिव्या राकेश शर्मा ने 14 दिसम्बर 2019 को एक पोस्ट अपनी फेसबुक वॉल पर लिखी और विचार प्रस्तुत करने हेतु उसे लगभग 14 महिला और इतने ही पुर...
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