जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Saturday, 10 November 2018
'दृष्टि' का अभूतपूर्व लघुकथा अंक/लता अग्रवाल
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लघुकथा के विभिन्न पक्षों पर गहनता से पड़ताल करते हुए, रचनात्मक सामग्री को पाठकों तक पहुँचाने में 'दृष्टि' ने अपने नाम को सार्थक किया...
Wednesday, 31 October 2018
नई सदी की लघुकथा के बाइस दरवाजे—एक विवेचन / बद्री सिंह भाटिया
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बरास्ता ‘परिंदों के दरमियां’ बलराम अग्रवाल जी की पुस्तक ‘ परिंदों के दरमियां’ लघुकथा के नवोदित रचनाकारों के साथ ऑन लाइन लम्बी बातची...
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