जनगाथा
समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका
Saturday, 2 May 2015
फ़ज़ल इमाम मल्लिक की लघुकथाएँ
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फ़ज़ल इमाम मल्लिक बिहार के शेख़पुरा जिले के चेवारा के निवासी फ़ज़ल इमाम मल्लिक हिंदी दैनिक ‘जनसत्ता’ से जुड़े हैं। साहित्यिक पत्रिका ‘सनद’ ...
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Wednesday, 22 April 2015
कथाकार पृथ्वीराज अरोड़ा से मुलाकात
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' बेटी तो बेटी होती है ', ' दया ', ' कथा नहीं ', ' रक्षा ' जैसी कथ्य , भाषा , शैली , सामाजिक सरोका...
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Saturday, 4 April 2015
लघुकथा के सफ़र में वसन्त निरगुणे / बलराम अग्रवाल
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समकालीन लघुकथा का सफर 1970 के बाद से स्वीकार किया जाता है। 1950 के आसपास यद्यपि हरिशंकर परसाई ने अनेक लघुकथाएँ लिखीं और उनका सम...
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Wednesday, 8 October 2014
सुधा भार्गव की दो लघुकथाएँ
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माँ और माँ चित्र:बलराम अग्रवाल दिवाली के आठ दिन पहले ही त्योहारों का सिलसिला आरंभ हो गया है। आज अहोई अष्टमी है और घर-घर अहोई देवी क...
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Wednesday, 11 June 2014
व्यंजना के सफल प्रयोग / बलराम अग्रवाल
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सुभाष नीरव वि षय की एकता नता एवं प्रभावान्विति ( यू निटी आ फ इम्प्रेशन) समकालीन लघुकथा की ऐसी विशेषता है जिसे जाने-अनजाने अक्स...
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