जनगाथा

समकालीन लघुकथा के विचार एवं रचना-पक्ष की अव्यावसायिक ब्लॉग पत्रिका

Sunday, 10 November 2013

‘मुझमें मंटो’ : एक प्रतिक्रिया / बलराम अग्रवाल

›
इस आलेख को ‘रचना और दृष्टि’ के अन्तर्गत प्रकाशित टिप्पणी के रूप में पढ़ा जाये।                                                    ...
Thursday, 7 November 2013

मुझमें मंटो / उर्मिल कुमार थपलियाल

›
16 जुलाई 2013 से ‘ जनगाथा ’ में   ‘ रचना और दृष्टि ’ स्तंभ शुरू किया गया था। इसके अन्तर्गत शहंशाह आलम की लघुकथा ‘आज की नारी’ पर बलर...
1 comment:
Friday, 11 October 2013

संतोष सुपेकर के लघुकथा संग्रह 'भ्रम के बाज़ार में' का लोकार्पण

›
Monday, 2 September 2013

अंधे बहरे लोग--सुरेश शर्मा

›
कथाकार सुरेश शर्मा के लघुकथा संग्रह 'अंधे बहरे लोग' की समीक्षा   संतोष सुपेकर की कलम से :
Sunday, 28 July 2013

गरीब की माँ / चित्रा मुद्गल

›
‘जनगाथा’ के ‘रचना और दृष्टि’ स्तंभ में इस बार डॉ॰ अशोक भाटिया प्रस्तुत कर रहे हैं सुप्रसिद्ध कथालेखिका चित्रा मुद्गल की लघुकथा ‘ग़रीब क...
2 comments:
‹
›
Home
View web version

मेरे बारे में

My photo
बलराम अग्रवाल
NOIDA, U.P.-201307, India
'जनगाथा', 'कथायात्रा' एवं 'लघुकथा-वार्ता' के माध्यम से लघुकथा-साहित्य आप तक पहुँचाने का प्रयास है। 'अपना दौर' कथा-साहित्य से इतर चिन्तन व अनुभवों को अभिव्यक्ति देने का प्रयास है। 'हिन्दी लेखक' साहित्य एवं कलाओं में रचनात्मक योगदान देनेवाले हस्ताक्षरों का सचित्र परिचय। email:2611ableram@gmail.com मोबाइल नं॰ 08826499115
View my complete profile
Powered by Blogger.